रिटायरमेंट है अगर एक पारी का अंत
तो है एक नई इनिंग की शुरुआत भी,
है मंजिल पर पहुंचने का सुखद अहसास
तो है कुछ नातों से बिछड़ने की बात भी.
याद आयेगा प्यार भरा टिफिन रोज सुबह
और लंच के वक्त दोस्तों की बिनमांगी राय,
हां, मिलेगी अब बिस्किट संग स्पेशल वाली
फिर भी मिस करुंगा कैंटीन की फीकी चाय.
मिस करुंगा बिना गलती के बॉस की झिड़की
और हर झिड़की पर दोस्तों का समझाना भी,
याद आयेगा मेरा कम्प्यूटर, मेरा टेबल, ई-ऑफिस
और 6 बजे सबको बाय करके घर जाना भी.
वक्त है अब उन पुरानी यादों को संजोने का
और दोस्तों के संग बीते लम्हों में खोने का,
पर अब पास में है थोड़ी ज्यादा फुरसत
तो घर पे बर्तन, कपड़े थोड़ा और धोने का.
रिटायरमेंट नहीं है सफर की समाप्ति
और ना दोस्त यार साथ छोड़ रहे हैं,
बस ज़िंदगी को तेज रफ्तार हायवे से
खूबसूरत पगडंडियों पर मोड़ रहे हैं.
रिटायरमेंट है व्यस्त दिनचर्या से छुटकारा
समय आराम का, कदमों के थोड़ा थमने का,
पर गायन या वाचन, बागवानी या भ्रमण
भरपूर है मौका अब इन सबमें रमने का.
जीपीएफ, ग्रेच्युटी और लिव इनकैशमेंट
काम से मुक्ति पूरी, फिर भी मिले आधा पेमेंट,
हाँ, बीबी को सरदर्द, कि घर पे रहेंगे पर्मानेंट
ये एक छोड़ दें, तो लाजवाब है रिटायरमेंट.