Wednesday, March 6, 2013

ये कैसी नीति !!!

जब एक बुजुर्ग नेताजी ने ओसामा को 'ओसामा जी' कहा था तो खून तो गरम हुआ था पर ये सोचा कि शायद वो सठिया गए हैं वरना राजनीति में ऐसी गिरावट की उम्मीद न की थी ! परन्तु जब एक ऐसे युवा राजनेता जिनसे भारत की नौजवान पीढ़ी को बहुत आशाएं हों वो भी उसी राह पे चल दें तो फिर ......... तो फिर???? ये बहुत जटिल प्रश्न बन जाता है-----

"उम्मीद के उगते सूरज को कीचड़ में तब सना दिया,
 

जब वोट को, कुर्सी को- ही तुमने मजहब बना लिया ।
 

अब मेरे देश की, कानून की भला क्या रही इज्जत,
 

संसद के लुटेरों को ही तूने जो 'साहब' बना दिया ।।"

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