Sunday, 17 July, 2011

प्रार्थना

हे ईश्वर मुझे इतनी शक्ति देना

कि भयंकर झंझावात में भी मैं

अपने पैरों पर खड़ा रह सकूँ,

हे ईश्वर मुझे इतनी उँचाई देना

कि मुट्ठी में तारे पकड़ के भी

धरातल से मैं जुड़ा रह सकूँ.

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