Saturday, December 7, 2024

मुस्कान

ज़िंदगी है तो दर्द भी है

चैन-ओ-आराम नहीं है, 

पर प्यारी सुबहा भी है

सिर्फ ग़म की शाम नहीं है, 

इसलिये मुस्कुराओ और

मुस्कानें बिखेरते रहो

क्यूंकि होठों से दूसरा

बेहतरीन काम यही है!

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